अंधेरों को यही तो खल
रहा है ,
दिया 🪔मेरा हवा में जल
जल रहा है ।
तेरी फिरौनीयत के खात्मे को
तेरे ही घरमे मुसा पल रहा है
✍️
मुख़्तार कुरेशी, औसा
अंधेरों को यही तो खल
रहा है ,
दिया 🪔मेरा हवा में जल
जल रहा है ।
तेरी फिरौनीयत के खात्मे को
तेरे ही घरमे मुसा पल रहा है
✍️
मुख़्तार कुरेशी, औसा
लहान हातांनी केले मोठे योगदान. खाऊसाठी दिलेले पैसे मस्जिद साठी केले दान. चिमुकल्या कडुन परोपकाराच…
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