जो शजर बे लिबास रहेते हैं
उनकेे साये उदास रहेते हैं,
चंद लमहात की खुशी के
लिए ...
लोग बरसों उदास रहेते हैं ✍️
मुख़्तार कुरेशी, औसा
जो शजर बे लिबास रहेते हैं
उनकेे साये उदास रहेते हैं,
चंद लमहात की खुशी के
लिए ...
लोग बरसों उदास रहेते हैं ✍️
मुख़्तार कुरेशी, औसा
लहान हातांनी केले मोठे योगदान. खाऊसाठी दिलेले पैसे मस्जिद साठी केले दान. चिमुकल्या कडुन परोपकाराच…
अधिक वाचा
Copyright (c) 2020 Latur Reporter All Right Reserved | Distributed By TechbhaveshYT
0 टिप्पण्या
Do not enter this spam link in comment comment box.